असंभव बातों पर विश्वास ना करें
चिड़िया की तीन ज्ञान की बातें। यह कहानी है।
एक किसान और चिड़िया की
एक बार एक गांव में एक किसान रहता था वह बहुत मेहनत करता था और संघर्ष करता था अपने खेत पर अनाज उगाने के लिए वह वह अपने परिवार के लिए दिन रात खेत पर रहता था।
ऐसे ही वह किसान और उसका परिवार इसी तरह से जिंदगी बिता रहे थे। एक बार किसान ने सोचा की मैं इस बार अंगूर की खेती करूंगा और ज्यादा प्रॉफिट कमा लूंगा और अपने बच्चे का गांव के प्राइवेट स्कूल में दाखिला करवा दूंगा और इससे अपने परिवार का भी ख्याल रख सकूंगा मुझे ज्यादा रात तक खेत में रुकना नहीं पड़ेगा। फिर किसान अगले ही सुबह बाजार जा कर अंगूर के बीज लेकर आता है।
और बीज बोने के लिए हल और बैल लेकर अपने खेत की तरफ जाता है।
फिर उसे पहले तो खेत पर चिड़िया जानवर खेत में जाने से रोकने के लिए उसे वहीं पर रुकना पड़ता था कुछ दिन तक ऐसा करने के बाद उसके खेत में अंगूर के बड़े-बड़े पेड़ हो गए और उनमें फल आने लगे और किसान यह देख कर बहुत खुश हुआ खुश हुआ क्योंकि अबकी बार उसके खेत में हर बार की फसल से ज्यादा पैदावार अंगूर की खेती में दिख रही थी। फिर वह कुछ दिन बाद अंगूर के फलों को तोड़कर बाजार ले जाकर ले जाया करता था।
और उससे जो पैसा आता है तो उसके बदले में वह घर का राशन खरीद कर ले आता।
अब उनकी जिंदगी काफी ज्यादा पहले से खुशहाल हो गई थी।और अब वह सोच रहा था
मैं अब हर बार अंगूर की खेती करूंगा। फिर एक बार एक चिड़िया उसके खेत पर आ पहुंचती है ।
और देखती है।
कि यहां पर तो मुझे रोज ताजे फल खाने को मिलेंगे और फिर वह अंगूर के एक डाली पर जाकर बैठकर अंगूर खाने लगती है।
ऐसा वह रोज करती और जब उसका पेट भर जाता तो वह वहां से चली जाती थी।
फिर जब एक बार किसान अपने फलों को बाजार में बेचने के लिए ले जाता है तो उससे उसके ग्राहक कहते हैं की अब हम तुमसे फल नहीं खरीदेंगे। क्योंकि अब तुम्हारे अंगूरों में पहले पहले जैसा स्वाद और मीठा पन नहीं रहा इसलिए अब हम तुमसे अंगूर नहीं खरीदेंगे।
उस दिन किसान के ज्यादा कमाई नहीं हुई और और अंगूर भी ज्यादा नहीं बेंच सका इसलिए । वह उस दिन बहुत दुखी था अगले दिन उसने अपने खेत पर रुकने का फैसला किया
फिर वह एक अंगूर के पेड़ के पीछे जाकर छुप जाता है । कुछ देर बाद वह चिड़िया आकर एक अंगूर के गुच्छे पर बैठ कर सारे मीठे फल खाने लगती है तो तभी वह किसान उसे पिछे से आकर पकड़ लेता है।
लेकिन चिड़िया बोलती है। कि मुझे मत मारो मुझे जाने दो
लेकिन किसान तो बहुत ही गुस्से में था
फिर चिड़िया ने। कहा सुनो ठीक है। तुम मुझे मार दो लेकिन मेरी तीन बाते सुनने बाद मारना।
फिर किसान ने कहा कि ठीक है।
चलो बताओ वह तीन बातें क्या हैं।और तुम मुझे ही क्यों बताना चाहती हो
चिड़िया कहती तो फिर सुनो ।
- सुनो कभी भी अपने हांथ में आए दुश्मन को छोड़ना नहीं चाहिए
- कभी भी असम्भव बातों पर विस्वास नहिं करना चाहिए
फिर चिड़िया बोली रुको थोड़ा सा मेरी गर्दन छोड़ोगे तभी तो मैं बोल पाऊंगी न
फिर किसान ने जैसे ही अपना हांथ ढीला किया तो वह चिड़िया फुर्र से उड़ गई और जाकर एक पेड़ कि डाली पर जाकर बैठ गई
फिर किसान ने कहा सुनो वह तीसरी बात तो बता दें।
2. कभी भी बीते हुए पर पछतावा नहीं करना चाहिए।
फिर कुछ देर बाद चिड़िया ने कहा कि सुनो मेरे पेट में एक मोती है। जो तुमने गवां दिया है।
जब किसान ने ऐसा सुना तो वह पछताने लगा और सोचा अगर मैं इस चिड़िया को नहिं छोड़ता तो मैं आज मालामाल हो जाता
चिड़िया ने कहा कि सुनो सायद तुमने मेरी कही हुई बातों को ध्यान नहीं दिया है।
मैने कहा था कि कभी भी असम्भव बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।लेकिन तुमने उसे भी नहीं सुना
क्या कभी मेरे पेट में मोती आ सकता है। किसान सरमिंदा हो गया और उससे माफी मांगा।
फिर चिड़िया ने कहा कि सुनो मैने ये भी कहा था कि कभी भी हांथ में आए दुश्मन को छोड़ना नहीं चाहिए।लेकिन तुमने ओ भी नहीं सुना। न
हाय दोस्तों आप भी खुद को देखें कि कहीं आपको भी तो ऐसी चिड़िया की ज़रूरत तो नहीं है।
दोस्तों आपका स्वागत है । मोटिवेशनल स्टोरीज पर क्योंकी यहां पर पॉजिटिविटी का परसेंटेज बढ़ाया जाता है।
Nice post
जवाब देंहटाएंNice
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