दुनिया के लिए सिर्फ आप एक व्यक्ति हैं। लेकिन आपके परिवार के लिए आप ही पूरी दुनिया हैं।
हाय गाइस मैं हूं विक्रम और आपके लिए छोटी सी कहानी
यह कहानी है पिता और बेटे की एक बार पापा जी अपने अपने ऑफिस से प्रस्टेट होकर के देर शाम में घर पहुंचे और डोरबेल बजाई दरवाजा खुला उन्होंने देखा कि उनके पांचसा के बच्चे ने दरवाजा खोला था।
बच्चा आकर अपने पापा से लिपट गया और जोर जोर से बोलने लगा कि देखो ना मम्मी पापा आ गए पापा आ गए बड़ा खुश था बच्चा लेकिन पापा जी गुस्सा थे
फ्रस्ट्रेटेड से ऑफिस से बच्चे को साइड कर दिया और कहा कि बेटा क्या बच्चों वाली हरकत कर रहे हो 5 साल के बच्चे से पापा जी कह रहे थे
क्या बच्चों वाली बात कर रहे हो बच्चा फिर भी नहीं माना और पापा के पीछे पीछे आकर पापा के साथ बैठ गया लगा कि पापा आप और जल्दी क्यों नहीं आते हो।
आप मेरे लिए खिलौने क्यों नहीं लाते हो चॉकलेट क्यों नहीं लाते हो बहुत कुछ कह रहा था बच्चा अपने पापा से फिर पापा ने कहा बेटा क्या बात है क्या चाहिए । क्यों मुझे परेशान कर रहे हो।
फिर उस बच्चे ने कहा पापा आपसे मुझे एक सवाल पूछना है। क्या आप जवाब दोगे फिर पापा नेक पूछो क्या पूछना चाहते हो फिर बच्चे ने पूछा बताओ पापा आप 1 घंटे में कितना पैसा कमाते हैं। जैसे ही बच्चों ने ये पूछातो पापा जी गुस्सा हो गए।
क्योंकि ओ पहले ऑफिस से गुस्सा थे फ्रस्ट्रेटेड थे बच्चे को डांटने लगे कि तुम्हें पैसा चाहिए तो साफ-साफ बोलो कितना पैसा चाहिए। इसलिए तुम मुझसे फालतू सवाल पूछ रहे हो तो बच्चे ने फिर से कहा की बताओ ना पापा आप 1 घंटे में कितने पैसे कमाते हो बताओ ना पापा तो पापा ने गुस्से में कहा की मैं ₹100 1 घंटे में कमाता हूं।
तो फिर छोटे बच्चे ने कहा की पापा क्या आप मुझे ₹50 उधार दे सकते हो। ऐसा बच्चे ने कहा तो पापा जी का गुस्सा और बढ़ गया और उन्होंने बच्चे को वहां से डांट कर भगा दिया बच्चा रोते-रोते अपने रूम में चला गया। फिर पापा जी डिनर करके फ्री हुए तो इनका गुस्सा शांत हो चुका था। फिर उन्होंने सोचा कि मैंने बच्चे को उस वक्त फालतू में डांट दिया फिर वह बच्चे थे रूम में जाते हैं। और देखते हैं। बच्चे को नींद नहीं आ रही है ।और वह इधर उधर करवटें बदल रहा था।
फिर पापा जी उसके पास में गए और बच्चे को गले से लगा लिया बच्चा रो रहा था पापा जी ने का शांत हो जाओ मुझे माफ कर दो मैंने तुम्हें फालतू में डांट दिया अच्छा बताओ तुम्हें क्या चाहिए।
फिर बच्चा बिस्तर से उठा और अलमीरा के पास गया और अलमीरा से अपनी गुल्लक निकाली और पापा जी के पास आया और अपनी गुल्लक को तोड़ दिया गुल्लक में बहुत सारे सिक्के थे। जीने उसने इकट्ठा किया और अपने पापा के पास नया और कहा कि पापा यह ₹100 से ज्यादा ही हैं।
क्या मुझे आपका सिर्फ एक घंटा मिल सकता है। पापा प्लीज कल आप जल्दी आ जाना। आप के साथ डिनर करने का मन करता है।
जैसे ही बच्चे ने अपने पापा से यह कहा तो उनके आंखों में आंसू आ गए।
दोस्तों यह कहानी बहुत छोटी है लेकिन हमें बहुत कुछ सिखाती है।
तो दोस्तों कहीं आप भी तो अपने करियर के पीछे अपने गोल के पीछे अपने लक्ष्य के पीछे अपने परिवार से दूर तो नहीं जा रहे हैं
हेलो दोस्तों अपने परिवार के साथ और अपने परिवार के विश्वास के साथ कुछ कर दिखाइए ऐसा कि दुनिया बनना चाहे आपके जैसा।
बाय दोस्तों मिलेंगे अगली छोटी सी कहानी पर भूलिएगा मत क्योंकि यहां पॉजिटिविटी का परसेंटेज बढ़ाया जाता है।
Nice post thanks
जवाब देंहटाएंNice Inpaireson
जवाब देंहटाएं